भारत में आज जिस तेजी से बेतहाशा जनसंख्या बढ़ रही है, वह बेहद चिंतनीय है। सबसे चिंतनीय विषय तो यह है कि इस बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि में मुख्य योगदान पाकिस्तान और बांग्लादेश से अवैध रूप आकर रह रहे नागरिको का है। आश्चर्य तो इस बात का है कि देश के तमाम राजनीतिक दल सब कुछ देखते हुए भी आंखें बंद किये हुए है। इसका कारण उनकी तुष्टिकरण नीति है, जो भारत में अवैध रूप से रह कर अपनी जनसंख्या बढ़ाने में लगे है। वह कल को उनके वोटर बनेंगे, शायद यहीं उनकी मंशा है। मैं किंचित मात्र भी मुसलमान विरोधी नहीं हूं, परंतु आज देश में जिस तेजी से इनकी जनसंख्या बढ़ रही है, और इनके कारण जो आपराधिक कारनामे बढ़ रहे है, वह किसी भी आम नागरिक को सोचने पर मजबूर कर देंगे। क्या हमारी शासन व्यवस्था इतनी पंगु हो गई है कि अवैध रूप से भारत आने वाले और रहने वाले पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों पर कोई नियंत्रण नहीं कर सकती, या सिर्फ वोट व तुष्टिकरण के लिए हम अपनी आने वाली पीढ़ी को बेरोजगारी, आतंकवाद और कई तरह के अपराधों के दलदल में झोंक देना चाहते है। हम सभी पाठकों और देशवासियों से इस महत्वपूर्ण मसले पर राय जानना चाहते है। अगर आप इस मुद्दे पर हमारे विचार से इत्तेफाक रखते है तो कृपया अपनी राय जरूर भेजे।
हमारा पता है--
अजीत पांडेयबी-9, एआरडी कांपलैक्ससेक्टर-१३
एक बात और हमने सूचना अधिकार अधिनियम २००५ के तहत विदेश मंत्रालय से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है, अगर इस विषय पर आप भी कोई जानकारी देना चाहे तो आपका स्वागत है।
निम्न बिंदूओं पर हमने आरटीआई के तहत विस्तृत जानकारी मांगी है कि--
** विगत १५ वर्षो में पाकिस्तान से वैध वीजा पर भारत में कितने लोग आये और कितने वापस गये?
** इस दौरान संबंधित मंत्रालय ने कितने लोगों को वैध पासपोर्ट व वीजा जारी किये?
** उस पर कितने लोग वापस आये और कितने लोग भारत में ही रह गए?